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Saturday, 10 March 2018

मनीष की माँ की चुदाई - Desi Kahaniya by Rangraliyan


मनीष की माँ की चुदाई - Desi Kahaniya by Rangraliyan

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प्रेषक : मस्तराम...

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम प्रेम सागर है, आज में आपको मेरे एक दोस्त की माँ की स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ। मनीष एक गरीब परिवार का लड़का है, उसके पापा रिक्शा चलाते है और उसकी इंजिनियरिंग की पढ़ाई करवाते है। मेरे दोस्त मनीष की माँ का नाम किरण है, वो 45 साल की है, वो दिखने में बहुत ही सुंदर है, लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसे सेक्स की बहुत जरूरत है। यह बात मुझको कभी पता नहीं चलती, लेकिन एक दिन जब मैं मनीष के घर मिलने गया तो तब मेरे दोस्त मनीष की माँ के बारे में बात कर रहे थे। आप इस कहानी को रंगरलियां डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। उनमें से एक कहता है कि यार मनीष की माँ तो बहुत ही खूबसूरत है, उसके बूब्स, उसकी गांड, क्या लगती है? मेरे पापा को भी वो बहुत अच्छी लगती है, होली वाले दिन मेरे पापा ने उस रांड के बूब्स को खूब दबाया था, यार क्या करूँ? में उसे चोदना चाहता हूँ यार, यदि वो मेरी माँ होती तो में रोज उसे चोदता।  तब उनमें से एक दोस्त कहता है कि यार मैं तो रोज रात को किरण आंटी के बारे में सोचकर मुठ मारता हूँ, यार जब भी में मनीष के घर रात को जाता हूँ तो उसकी माँ नाइटी में बहुत ही सेक्सी दिखती है, यार मेरा तो मन करता है कि उसे वहीं पर पकड़ लूँ और उसे चोद दूँ।

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फिर एक दोस्त ने कहा कि मुझको तो लगता है कि सच में उसे सेक्स की जरूरत है, क्योंकि मनीष के पापा तो घर में रहते ही नहीं है, तो वो तो घर का खर्चा चलाने के लिए रिक्शा चलाते है तभी तो वो लड़को को आकर्षित करने के लिए ऐसे कपड़े पहनती है। अब मेरा मन ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा था। अब मुझको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूँ? क्योंकि मनीष मेरा सबसे अच्छा दोस्त है, हालाँकि अब हमारे संबंध कुछ अच्छे नहीं है लेकिन मुझे वह पसंद है। उसने एक बार मुझ पर हाथ उठा दिया था, लेकिन फिर उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया तो तब मैंने उसको माफ कर दिया था।

फिर मैं सीधा मनीष के घर चला गया। मैंने उस दिन उसकी माँ को पहली बार एक लड़की की तरह देखा था, वो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। फिर में जल्दी से बाथरूम में गया और मुठ मारने लगा। अब मेरा पूरा माल बहुत ही जल्दी निकल गया था। तभी वहाँ मेरे और फ्रेंड्स भी आ गये, तो वो मनीष की माँ को देखकर बहुत ही खुश हुए। मनीष की माँ ने पिंक कलर की नाइटी पहन रखी थी, जिसमें से उनके बूब्स साफ-साफ़ दिख रहे थे। अब मेरा दिमाग बहुत खराब हो रहा था। अब वो सभी मनीष की माँ को रंडी की नजर से देख रहे थे। आख़िर मनीष मेरा दोस्त है कोई उसकी माँ को रंडी बोले ये मुझसे सहन नहीं होता। अब मनीष की माँ भी बार-बार उनके सामने इतरा रही थी। फिर उनमें से एक दोस्त ने कहा कि आंटी मेरी माँ ने आपको मेरे घर पर बुलाया है। कल मेरे माँ पापा की शादी की सालगिरह है, आप और मनीष दोनों आना।

तब मनीष की माँ ने कहा कि बेटा जरूर आएगें। तभी मुझसे मनीष की माँ ने पूछा कि मस्तराम बेटा कल कौन सी साड़ी पहनूँगी? तब मैंने कहा कि कोई सी भी पहन लो। तब मनीष की माँ ने कहा कि बेटा मैंने एक नयी साड़ी खरीदी है, में वो पहन लूँगी। तब मैंने कहा कि ठीक है। फिर दूसरे दिन जब मनीष की माँ ने वो साड़ी पहनी तो में तो दंग ही रह गया कि मनीष की माँ क्या इतनी सेक्सी दिखती है? उनकी साड़ी काले रंग की थी, लो कट स्लीवलेस ब्लाउज था और वो बहुत ही सेक्सी दिख रहा था। फिर जब में, मनीष और उसकी माँ बाइक से जाने लगे तो तब मनीष की माँ के बूब्स मेरी पीठ से टकराने लगे थे। अब में तो पागल ही हो गया था कि यह क्या हो रहा है? अब मेरा लंड खड़ा होने लगा था। फिर जैसे तैसे में मनीष के यहाँ से आ गया। अब मेरा दिमाग मनीष की माँ के बारे में ही सोच रहा था। मनीष की माँ जब चल रही थी तो उसकी गांड बहुत ही मचल रही थी। उस पूरी पार्टी में सब मनीष की माँ को ही देख रहे थे।  आप इस कहानी को रंगरलियां डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

फिर उसके बाद डांस पार्टी स्टार्ट हुई तो तब मेरे दोस्त ने मनीष की माँ से कहा कि आंटी आप हम सभी के साथ डांस करें। तब मनीष की माँ ने हाँ कर ली। तब मैंने देखा कि मेरे दोस्त मनीष की माँ की बॉडी को टच कर रहे है। अब मनीष की माँ भी मज़े ले रही थी। अब मेरा मन तो कर रहा था कि मनीष की माँ को वही सबके सामने किस कर दूँ, लेकिन में कुछ भी नहीं कर रहा था। फिर सभी दोस्त मेरे पास आए और मुझसे कहा कि यार मनीष की माँ तो बहुत अच्छा डांस करती है। तब मैंने उनसे कहा कि आज वो दिख कैसी रही है? तो तब एक के मुँह से निकला सेक्सी। तब मैंने कहा कि यार मैंने तुम्हारी उस दिन की सभी बात सुन ली है, मेरा दिमाग तो खराब हो गया है, अब में क्या करूँ? है तो वो मनीष की रंडी माँ।  
फिर तब एक ने कहा कि यार तू मनीष की माँ को चान्स दे तो सही, तभी तो तुझको समझ में आएगा कि वो क्या चाहती है? मेरे पापा तो हमेशा मनीष की माँ के मज़े लेते रहते है, वो तो कुछ भी नहीं कहती है। फिर उस रात जब में घर से मनीष के घर गया तो तब पता चला कि मनीष घर पर नहीं था, वो कहीं भीख माँगने गया हुआ था। तब में जानबूझकर मेरे कपड़े मनीष की माँ के सामने उतारकर अंडरवेयर में आ गया। अब मेरा लंड खड़ा था। फिर जैसे ही मनीष की माँ ने देखा तो उसकी आँखे मेरे अंडरवेयर से हट ही नहीं रही थी। फिर मनीष की माँ भी अपने कपड़े निकालने लगी। अब में उन्हें देखने लगा था। अब हम दोनों चुप थे, फिर तभी अचानक से वो मेरे पास आई और बोली कि बेटा आज हम दोनो साथ में सोएंगे। तब मैंने वही पर मनीष की माँ को गले लगा लिया और उनके कपड़े उतारने लगा था। अब वो भी मेरी अंडरवेयर में अपना एक हाथ डालने लगी थी। फिर जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को पकड़ा तो में तो पागल हो गया। फिर उसने मेरे लंड को हिलाना शुरू कर दिया। फिर मैंने उनका पेटीकोट उतार दिया। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी।

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फिर उन्होंने मेरे लंड को अपने एक हाथ में पकड़ा और ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगी थी। अब मैंने भी उसे पूरा नंगी कर दिया था। उसकी चूत के आसपास एक भी बाल नहीं था। फिर वो मुझसे कहने लगी कि मस्तराम मेरी चूत को चाट। तो तब मैंने उसे चाटना शुरू कर दिया। आप इस कहानी को रंगरलियां डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।  फिर उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी थी। फिर उसने उसकी जीभ मेरे लंड के टोपे पर फैरी। तब मैंने कहा कि मनीष की रंडी माँ तुम बहुत ही खुबसूरत हो। अब वो मेरे लंड को अंदर बाहर करने लगी थी। तब मैंने कहा कि रंडी मेरा माल निकल जाएगा। तब वो बोली कि जल्दी निकाल साले में उसे पीने के लिए मर रही हूँ। फिर यह सुनते ही मेरा दिमाग खराब हो गया और फिर मैंने मनीष की माँ का मुँह पकड़ा और ज़ोर-ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा था और फिर थोड़ी देर के बाद मेरा पूरा माल मनीष की माँ के मुँह में गिर गया। फिर उस रात को मैंने मनीष की माँ की चूत में 5 बार मेरा लंड डाला। अब मनीष की माँ बहुत खुश थी ।।
धन्यवाद …

Monday, 5 March 2018

सविता भाभी ने अपनी बहन की सील तुड़वाई - Desi xxx Kahaniya

 सविता भाभी ने अपनी बहन की सील तुड़वाई

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प्रेषक : मस्तराम … 

 हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मस्तराम है और में मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरी  रंगरलियां डॉट कॉम पर यह दूसरी स्टोरी है। दोस्तों में आपनी सविता भाभी को चोद रहा था कि तभी भाभी की छोटी सिस्टर जिसकी उम्र 18 साल होगी और 12वीं क्लास में थी, वो स्कूल की जल्दी छुट्टी होने से घर आ गई थी और सीधी उसकी बड़ी सिस्टर यानी भाभी के बेडरूम में ही आ गई थी। फिर जब वो आई तो मेरा पूरा 8 इंच का लंड उसकी चूत में घुसा हुआ था। यह देखकर वो एकदम से बेडरूम से बाहर चली गई और फिर हम हमारा काम खत्म करके बाहर आए तो वो स्कूल यूनिफॉर्म में बाहर बैठी थी। तब उसने भाभी से पूछा कि यह कौन है? तो तब उसने जवाब दिया कि यह लव करने की मशीन है।

फिर उसने पूछा कि तुम क्या कर रही थी? तो तब वो बोली कि जवानी का मज़ा लूट रही थी, जो तुम्हारे जीजा नहीं दे सकते, इसने मुझे जवानी का सही मज़ा दिया है और तुम चाहती हो तो तुम भी मज़ा कर सकती हो, मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है। तो यह सुनकर उसकी आँखे भी चमक गई और फिर वो कहने लगी कि में भी कब से एक लंड ढूंढ रही थी? क्योंकि में तुम्हारे बेडरूम में से ब्लू फिल्म की सी.डी ला-लाकर देखा करती हूँ और मेरी चूत में फिंगरिंग किया करती हूँ और अब में फिंगरिंग से बोर हो चुकी हूँ, मुझे भी एक बड़ा लंड चाहिए और फिर वो मेरे पास आई और मेरी पेंट के ऊपर से मेरे लंड को हाथ लगाया और कहा कि चलो अब मुझे मज़ा दो, लेकिन भाभी ने कहा कि आज नहीं, आज तेरे जीजाजी का आने का वक़्त हो गया है, कल तू स्कूल से जल्दी आ जाना, में इसको बुला लूँगी तो वो मान गई।

Top 36 Desi Hindi Sex Story || Desi Kahaniya by Mastram

फिर सविता भाभी ने मेरी आँख पर पट्टी बांधी और मुझे जहाँ से कार में बैठाया था, वहाँ आकर छोड़ गई। फिर दूसरे दिन ठीक उसी वक़्त में वहाँ जाकर खड़ा हुआ और फिर भाभी आई और मुझे पट्टी बाँधकर उसके बंगले पर ले गई। फिर में अंदर जाकर बैठा तो मुझे उसकी सिस्टर दिखाई नहीं दी। तब भाभी बोली कि वो आ जाएगी एक बार मुझे चोद लो और फिर हमने फिर से अपना खेल शुरू किया। अब भाभी को करीब 25 मिनट तक चोदने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था। तब भाभी ने कहा कि बाहर निकालो। तो तब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और भाभी के ऊपर छोड़ दिया, तो यहाँ मेरा पानी निकला और वहाँ उसकी सिस्टर की एंट्री हुई। फिर वो मेरा लावा देखकर हमारे पास आई और बोली कि यह क्या है? आप इस कहानी को रंगरलियां डॉट कॉम पढ़ रहे हैं।

तब भाभी ने कहा कि यह लव की मलाई है और बहुत टेस्टी होती है, जब तुम करोगी तब भी निकलेगी और फिर भाभी बेड पर वैसे ही लेटी रही। फिर उसकी सिस्टर मेरे पास आई और बोली कि चलो आज मुझे जवानी का पहली बार मज़ा दो और मेरे लंड को पकड़ लिया और कहा कि में ब्लू मूवी की तरह तुम्हारा लंड अपने मुँह में लूँगी और सक करूँगी और देखूँगी की चूसने से क्या होता है? और फिर मेरा लंड अपने मुँह में लेकर सक करने लगी थी। वो बहुत ही मजेदार वक़्त था कि दो बहनों को साथ में चोदने का मुझे मौका मिला था, एक तो अभी वर्जिन थी और अब मुझे वर्जिन चूत मिल रही थी। अभी वो स्कूल ड्रेस में ही थी और वो जब बैठकर मेरा लंड सक कर रही थी, तो तब उसका स्कर्ट ऊपर हो गया था और उसकी स्कर्ट में से उसकी पेंटी दिख रही थी। फिर मैंने उसके बूब्स को सहलाना शुरू किया और साथ-साथ उसकी पेंटी पर भी अपना हाथ फैरना शुरू किया। अब उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था और अब हम दोनों को भाभी देख रही थी। दोस्तों आप इस कहानी को रंगरलियां डॉट कॉम पढ़ रहे हैं।

फिर थोड़ी देर तक मेरा लंड सक करने के बाद में उसके मुँह में ही झड़ गया और मेरा सारा लावा उसके मुँह में ही निकाल दिया था। अब मेरे पूरे वीर्य से उसका मुँह भर गया था। तभी भाभी ने कहा कि तुम इसको पी जाओ, बड़ा मज़ा आएगा। तो वो मेरा सारा वीर्य पी गई और बोली कि यह बहुत टेस्टी है। फिर मैंने उसको उठाया और उसकी स्कर्ट को खोल दिया। अब वो सिर्फ पेंटी थी। फिर मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी। अब में उसकी चूत देखकर हैरान हो गया था, उसकी चूत बहुत ही पिंक थी और अभी उसके चूत के बाल भी बहुत कम थे, उसके गोल्डन कलर के बाल से उसकी गुलाबी चूत और भी सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने उसको भाभी के बाजू में लेटा दिया और उसकी चूत को सक करने लगा था। अब वो भी आआआआआ, उहह करने लगी थी और बोली कि और सक करो, यह मुझे बहुत हैरान करती है, पूरा दिन किसी लड़के को देखकर मचलती है, आज तुम इसका मचलना शांत कर दो, में इसको फिंगर से कर-करके थक चुकी हूँ, आज तुम मुझे चोदकर इसको शांत कर दो और फिर वो मचलने लगी थी।

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फिर थोड़ी देर तक सक करने के बाद उसकी चूत में से पानी झड़ना शुरू हो गया और अब उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी। फिर मैंने सोचा कि यही सही वक़्त है अंदर डालने का। तब में तुरंत उठा और अपना लंड उसकी चूत पर टिका दिया और अभी मैंने थोड़ा ही लंड डाला था कि वो चीखने लगी और कहने लगी कि बहुत दर्द हो रहा है, तुम अपना लंड बाहर निकालो, मुझे नहीं पता था कि लंड लेने से इतना दर्द होता है, तुम इसको बाहर निकालो और मुझे धक्का दे दिया। तभी भाभी आई और कहने लगी कि फर्स्ट टाईम दर्द होगा, लेकिन फिर मज़ा आएगा, लेकिन वो एक नहीं मानी। तब भाभी ने मुझसे कहा कि चलो तुम दूर हो जाओ, इसको मत चोदो, इसको नहीं चुदवाना है और यह कहकर मुझे थोड़ा दूर ले गई और बोली कि में उसको पकड़ती हूँ।

में इशारा करूँ तो पूरी ताकत से घुसा देना, में उसका मुँह बंद कर दूँगी और फिर भाभी उसके पास गई और अपनी छोटी सिस्टर के बड़े-बड़े बूब्स चूसने लगी और किसिंग करने लगी थी। अब वो उसके पेट पर बैठ चुकी थी। अब उसकी टाईट चूत मेरे सामने थी, लेकिन वो मुझे नहीं देख पा रही थी। अब में अपने लंड को पकड़कर खड़ा था। तभी भाभी ने मुझे इशारा किया की हमला कर दो। फिर में सीधा उसके पास गया और उसकी दोनों टांगो को फैलाकर एक जोरदार धक्का लगाया तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया और अब उसकी चूत के अंदर से खून की बौछार शुरू हो गई थी। अब उसका मुँह भाभी ने अपने मुँह से बंद किया था वरना वो पूरे मौहल्ले को इक्कठा कर देती, अभी उसकी आँखों में से आँसू निकल रहे थे और पूरी बेडशीट खून से खराब हो चुकी थी। फिर में धीरे-धीरे हिलने लगा और फिर 15 मिनट के बाद झड़ गया और अपना लंड बाहर निकाला। तब उसने कहा कि मुझे मज़ा तो नहीं आया, लेकिन दर्द बहुत हुआ, अब में कभी नहीं चुदवाऊँगी।

तब भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं अगली बार चुदवाना। अब तुमको मज़ा आएगा और फिर मुझसे कहा कि में इसकी चूत में रोज फिंगर कर-करके ढीली कर दूँगी, उसके बाद इसको चोदना वहाँ तक मुझे चोदते रहना और यह यहाँ खड़ी-खड़ी हमको देखा करेगी। फिर भाभी को मैंने एक बार और चोदा। फिर भाभी ने मुझसे कहा कि मेरे एक पड़ोसी है उसको भी अपनी गेम में शामिल करना है। तो तब मैंने कहा कि क्यों नहीं? लेकिन मुझे तो उसकी सिस्टर बहुत पसंद आ गई थी, क्योंकि उसकी इतनी टाईट चूत मैंने आज तक नहीं चोदी थी और अब मेरा मन कर रहा था की उसको एक बार और चोदकर जाऊँ। लेकिन सविता भाभी ने मना किया कि उसकी चूत फट गई है और अभी भी थोड़ी-थोड़ी ब्लीडिंग हो रही है इसलिए तुम थोड़े दिन रुक जाओ, फिर में तुम्हारा इंतज़ाम कर दूँगी वहाँ तक में और मेरी पड़ोसी से काम चलाओ ।।
धन्यवाद …

Monday, 26 February 2018

Choot me madhu-makhi ghusi aur doctor ne choda Hindi Sex Stories by Mastram

मधुमक्खी चूत में प्रवेश कर गई

 

एक दिन एक आदमी और उसकी पत्नी उनके बेडरूम में चुदाई कर रहे थे। तभी अचानक एक मधुमक्खी बेडरूम की खिङकी के रास्ते अन्दर आ गई। 

चूँकि औरत ने अपने पाँव फैला रखे थे, मधुमक्खी उसकी चूत में प्रवेश कर गई। औरत चिल्लाने लगी, "हे भगवान, मेरी मदद करो, एक मधुमक्खी मेरी चूत में घुस गई है!" 

उसका पति फौरन उसे डॉक्टर के पास ले गया और सारी बात बताई। डॉक्टर ने थोङी देर सोचा और कहा "हम्म्म्म्म्, विकट स्थिति है। पर मेरे पास इस समस्या का एक समाधान है, अगर सर इसके लिए इजाज़त दें." पति बहुत चिंतित था तो उसने तुरंत हामी भर दी कि जैसे भी हो, धुमक्खी को उसकी बीवी की चूत से बाहर निकालो। 

डॉक्टर ने कहा "ठीक, मैं थोङा मधु अपने लिंग के अग्र भाग पर लगाकर लिंग को इसकी चूत में डालूँगा, और जैसे ही मुझे लगेगा कि मधुमक्खी मेरे लिंग के करीब है तो मैं इसे बाहर खींचूँगा, तो शायद वह इसका पीछा करते हुए तुम्हारी बीवी की चूत से बाहर आ जाए।" पति ने तुरंत इसकी इजाज़त दे दी। 

औरत ने कहा, "हाँ, हाँ, जो भी करना है करो, पर इससे छुटकारा दिलाओ।" अतः डॉक्टर ने अपने लिंग की नोक पर मधु लगाने के बाद औरत की चूत में डाला। कुछ हल्के झटकों के बाद, उसने कहा, लगता है कि मधुमक्खी ने अभी तक मधु को महसूस नहीं किया है, शायद मुझे लिंग को और अन्दर तक ले जाना पङेगा।" और उसने लिंग और अन्दर घुसेङा। 

थोङी देर के बाद रास्ता बनाने लगा, उससे अधिक वास्तव में औरत रास्ता बनवाने लगी। औरत उत्तेजना से मज़े लेने लगी और जोर जोर से कराहने लगी। डॉक्टर पूरे ध्यान से बहुत तेजी से मज़े लेते हुए उसे चोद रहा था और उसकी चूचियों को मसलने लगा, और जोर जोर से आवाजें निकालने लगा। 

पति को इस समय काफी गुस्सा आ गया और वह चिल्लाया, "ठहरो! तुम ये सब क्या कर रहे हो?" डॉक्टर ने अभी भी उसे ध्यान से चोदते हुए जवाब दिया, "प्लान में बदलाव। मैं उसे अन्दर ही मसल कर मार रहा हूँ!





Saturday, 10 February 2018

Bhabhi ki chudai raat me dekhi Hindi Sex Stories by Mastram

सेक्सी भाभी की चुदाई देखी रात मे


यह कहानी सच्चाई पर आधारित है, इसमें हुई सारी घटनायें सच्ची हैं, लेकिन पात्रों के नाम बदल दिए गये हैं.
मैं अपने घर में सबसे छोटा हूँ. मेरे दो बड़े भाई हैं जिनमें से एक की शादी हो चुकी है और दूसरा बंगलौर में जॉब कर रहा था.
यह बात उस वक़्त की है जब मैं स्कूल ख़त्म करके आगे इंजिनियरिंग की तैयारी कर रहा था. कुछ महीने बाद मैंने एंट्रेन्स एग्ज़ॅम दिए जिसमे मेरे अच्छे अंक आए और मेरा दाखिला चंडीगढ़ के एक कॉलेज में हो गया.
चंडीगढ़ में मेरे चाचा का परिवार रहता था. चाचा की कई साल पहले मौत हो चुकी थी. घर में चाची, उनका बेटा और बहू रहते थे. उनकी बेटी भी थी जिसकी अब शादी हो चुकी थी.
तय यह हुआ कि मैं होस्टल में न रहकर चाचा के घर में रहकर इंजिनियरिंग के चार साल बिताऊँगा.
पहले मैं इस बात से बहुत नाराज़ हुआ, मुझे लगा कि कॉलेज का मजा तो होस्टल में ही आता है, लेकिन मुझे क्या पता था कि वो चार साल मेरी ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत चार साल होंगे.
कुछ दिन बाद मैं निकल पड़ा चंडीगढ़ के लिए. रास्ते भर मैं खुश था कि कई साल बाद मैं अपनी भाभी से मिलूँगा.
सुमन मेरे चचेरे भाई रवि की बीवी का नाम है. रवि भैया मुझसे उम्र में आठ साल बड़े हैं. उन्होंने कॉलेज ख़त्म करने के कुछ महीने बाद ही सुमन भाभी से शादी कर ली थी.

मैं न जाने कितनी बार सुमन भाभी के नाम की मुट्ठी मारी थी.
और थी भी वो तगड़ा माल… शादी के वक़्त जब भाभी को दुल्हन के कपड़ों में देखा था, तब लंड पर काबू पाना मुश्किल था. मैंने बस यही सोचा था कि रवि भैया कितने खुशकिस्मत हैं जो इस बला की खूबसूरत लड़की को चोदने को मिल रहा है उन्हें !
खैर मैं अगले दिन चंडीगढ़ पहुँचा और चाची और भाभी ने मेरा स्वागत किया.
चाची बोली- अब तू आ गया है, चलो कोई तो मर्द होगा घर में, नहीं तो तेरा भाई हर समय इधर-उधर भागता रहता है बस!
भैया की सेल्स की जॉब थी जिस वजह से वो हर वक्त बाहर रहते थे.
सुमन भाभी मेरे लिए पानी लेकर आई. क्या ज़बरदस्त माल लग रही थीं वो! गुलाबी साड़ी में किसी स्वर्ग की अप्सरा जैसी खूबसूरत, गोरा सुडौल बदन जो किसी नामर्द के लंड में जान डाल दे!
पर जो सबसे खूबसूरत था, वो था उनके पल्लू से उनका आधा ढका पेट और उसमें से आधी झाँकती हुई नाभि!
मैंने उनके हाथ से पानी लिया पर मेरी नज़र उनके पेट से हट नहीं पा रही थी, दिल करता था कि बस पल्लू हटा के उनके पेट और नाभि को चूम लूँ!
तभी अचानक भाभी बोल पड़ी- क्या देख रहे हो देवर जी?
मैं थोड़ा झेंप गया, सोचने लगा कहीं भाभी कुछ ग़लत ना सोचे या चाची को यह न लगे कि मैं उनकी बहू को ताड़ रहा हूँ.
मेरी नज़र भाभी के चेहरे पर पड़ी. इतनी खूबसूरत थी वो जैसे मानो भगवान ने फ़ुर्सत में पूरा वक्त देकर उन्हें बनाया हो.
‘क्क्क-कुछ नहीं भाभी!’ मैं कुछ भी बोल पाने में असमर्थ था.
‘राजेश, तुझे सबसे ऊपर दूसरी मंज़िल पर कमरा दिया है. अपना सामान लगा ले और नहा-धो कर नीचे आ जा खाने के लिए!’ चाची बोली.
मैं अपना सामान ऊपर ले जाने लगा. मेरी नज़र भाभी पर पड़ी, तो उन्होंने मेरी तरफ मुस्कुराकर कर देखा और अपना पल्लू हल्का सा खोलकर अपनी नाभि के दर्शन करा कर चिढ़ा रही थी.
शाम को भैया वापस आए. हम सबने खाना खाया और रात को सोने चले गये.
रात को मेरी नींद अचानक खुली, मुझे प्यास लगी थी, मैं पानी पीने के लिए नीचे गया.
सबसे नीचे वाली मंज़िल पर चाची सो रही थी.
मैं पानी पी कर ऊपर आ रहा था कि तभी पहली मंज़िल पर मुझे कुछ आवाज़ें सुनाई दी. इस मंज़िल पर भैया-भाभी का कमरा था. उनके कमरे से एक औरत की मधुर कामुक आवाज़ें आ रही थी. मैंने सोचा कि कान लगा कर सुनूँ कि क्या चल रहा है अंदर!
थोड़ा इंतज़ार करने के बाद मैंने दरवाज़े पर अपना कान लगा दिया.
अंदर से भैया बोल रहे थे- सुम्मी, चूस… हाँ.. और ज़ोर से चूस… मुझे मालूम है तू कितनी इस लंड की दीवानी है, चूस… चूस साली रांड… चूस!
और तभी भाभी के लंड चूसने की आवाज़ और तेज़ हो गई.
मेरा लंड फनफना उठा, मुझसे रहा नहीं गया, मैंने अपने पायज़ामे में से अपना लंड निकाला और और धीरे-धीरे उसे हिलाने लगा.

‘आह… आह…आह… क्या मस्त चूस्ती है तू साली मादरचोद!’
भाभी भैया के लंड को तीन मिनट से चूस रही थी.
‘सुम्मी… अब रुक जा… नहीं तो मैं तेरे मुँह में ही छूट जाऊँगा.’
अंदर से भाभी की लंड चूसने की आवाज़ें बंद हो गई.
‘अब बता… मेरा लंड तुझे कितना पसंद है?’
भाभी बोली, ‘आप जानते हैं, फिर भी मुझसे बुलवाना चाहते हैं?’
‘बता ना मेरी जान?’
अचानक मेरी नज़र चाबी के छेद पर पड़ी. मैंने अपनी आँख लगाकर देखा कि क्या हो रहा है अंदर!
भैया बिस्तर पर बैठे थे और भाभी ज़मीन पर अपने घुटनों पर… दोनों नंगे थे.
भाभी को नंगी देख कर मेरी आँखें फटी रह गई. गोरा शरीर, सुंदर चूचियाँ देख कर मैं अपने लंड को और तेज़ी से हिलाने लगा. हाथ में उनके भैया का लंड था जिसे वो हल्के-हल्के हिला रही थी.

‘आपका लंड मुझे पागल कर देता है. रोज़ रात को ये कमीनी चूत मेरी बहुत परेशान करती है, आपके लंड के लिए तरसती है. रोज़ रात को एक योद्धा की तरह आपके लंड से युद्ध करना चाहती है और उस युद्ध में आपसे हारना चाहती है. आपका अमृत पाकर ही इसे ठंडक मिलती है.’
भाभी जीभ निकाल कर भैया के पेशाब वाले छेद को चाटने लगी.
‘क्या सही में? आह!’
‘हाँ… औरत की संभोग की प्यास मर्द से कई गुना ज़्यादा होती है. लेकिन आप आधे वक्त घर पर ही नहीं होते. ऐसी रातों में बस अपनी उंगली से ही इस कमीनी को शांत करती हूँ. बहुत अकेली हो जाती हूँ आपके बिना… दिल नहीं लगता मेरा!’
‘सुम्मी, उठ फर्श से…’
भाभी फर्श से उठ कर भैया के सामने खड़ी हो गई. मेरा लंड उनके नंगे बदन को और बढ़कर सलामी देने लगा. भैया ने भाभी की कमर को दोनों हाथों से पकड़ा और उनका पेट चूम लिया.
भाभी की चुदाई की यह हिंदी कहानी आप  पर पढ़ रहे हैं!
‘सुम्मी, अगर ऐसी बात है तो क्यूँ ना मैं तेरे इस प्यारे से पेट में एक बच्चा दे दूँ?’ यह कहके एक बार फिर उन्होंने भाभी का पेट चूम लिया.
भाभी ने एक कातिल मुस्कान देकर कहा- हाँ, दे दीजिए मुझे एक प्यारा सा बच्चा. बना दीजिए मुझे माँ. बो दीजिए अपना बीज मेरी इस कोख में!
भाभी अपना हाथ अपने पेट पर रखते हुए बोली.
‘चल आजा बिस्तर पे… आज तेरी कोख हरी कर देता हूँ. बच्चेदानी हिला कर चोदूँगा, साली एक साथ चार बच्चे पैदा करेगी तू!’ भैया बोले.
‘रुकिये… पहले मेरी बुर चाट के इसे गीला कर दीजिए ना एक बार!’ भाभी बोली.
‘मेरी जान, तुझे कितनी बार बोलूँ, मुझे चूत चाटना पसंद नहीं… बहुत ही कसैला सा स्वाद होता है!’
‘आप मुझसे तो अपना लंड चुसवा लेते हैं, मेरी चूत क्या इस काबिल नहीं कि उसे थोड़ा प्यार मिले.’
‘तू चूसती भी तो मज़े से है, चल अब देर मत कर, लेट जा और टांगें खोल दे!’
भाभी ने वैसा ही किया. भैया अपने लंड पर थूक मल रहे थे.
भाभी की चुदाई शुरू हो गई थी, भैया ने भाभी की टाँगों को खोल कर, अपना लंड हाथ में लेकर उसे भाभी की चूत पर रखकर एक झटका मारा.
‘आह!’ भाभी के मुँह से निकला.
भाभी का ख्याल ना रखते हुए, भैया ने झटके पे झटके मार मार के अपना पूरा छह इंच का लंड भाभी की चूत में जड़ दिया- साली, तेरी कमीनी चूत तो बेशर्मी से गीली हो रही है!
दोनों ने दो मिनट साँस ली, फिर भैया बोले- छिनाल, तैयार हो जा… माँ बनने वाली है तू… इसी कोख से दर्जनों बच्चे जनेगी तू!
और फिर तीव्र गति से भाभी की चुदाई शुरू हो गई. भाभी भैया के नीचे लेटी हुई थी और चेहरे पे चुदाई के भाव थे.
‘ओह… ओह… ओह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… सस्स्स… आह!’ भाभी के मुख से कामुक आवाज़ें सुन कर मैं अपना लंड और तेज़ी से हिलाने लगा.

‘ले चुद साली… और चुद…’ भाभी का हाथ लेकर भैया ने उसे अपने टट्टों पर रख दिया- ले सहला मेरे टट्टे… और ज़्यादा बीज दूँगा तुझे!’ भाभी भैया के ट्टटों को सहलाने लगी.
भैया ने भाभी के कंधों पर हाथ रखकर उन्हें कसकर पकड़ लिया और कस कर चोदने लगे- ले, मालिश कर मेरे लंड की अपनी चूत से… साली, क्या लील रही है तेरी चूत मेरे लंड को… लगता है बड़ी उतावली है तू मेरे बीज के लिए!
और भाभी चीख पड़ी- चोद मुझे साले भड़वे… दे दे मुझे अपना बच्चा… हरी कर दे मेरी कोख!
भैया ने चुदाई और तेज़ कर दी. अब तो पूरा बिस्तर बुरी तरह से हिल रहा था.
भाभी ने अपनी उंगली अपने मुँह में डालकर गीली की और उससे भैया के पिछवाड़े वाले छेद को रगड़ने लगी.
‘आह… सुम्मी.. मैं छूटने वाला हूँ.’ भैया बोले.
‘नहीं.. थोड़ा रूको… मैं भी छूटने वाली हूँ!’ भाभी बोली.
‘नहीं… और नहीं रुक सकता, सुम्मी… आह… मैं छूट रहा हूँ… ये ले मेरा बीज… आह!’
भैया ने सारा माल भाभी की चूत में डाल दिया.
फिर भैया एक तरफ करवट लेकर सो गये, मुझसे भी रहा नहीं गया, मैं भी छूट गया और मेरा सारा माल फर्श पर गिर गया.
थोड़ी देर बाद मैंने छेद से झाँक कर देखा तो भैया सो गये थे, ख़र्राटों की आवाज़ आ रही थी. भाभी अभी भी जागी हुई थी और हाँफ रही थी, वो गुस्से में थी!
भैया की तरफ मुँह करके भाभी बोली- अपनी हवस मेरी चूत पर निकाल कर… करवट लेकर सो गया, मादरचोद!
भाभी की चुदाई अधूरी रह गई थी.
अचानक भाभी उठी तो मुझे लगा वो दरवाज़े पर आ रही हैं इसलिए मैं वहाँ से भाग कर अपने कमरे में आ गया.
कुछ देर रुकने के बाद मैंने सोचा एक आख़िरी बार भाभी के नंगे बदन के दर्शन कर लूँ.
मैं ध्यान से नीचे उतरा और फिर से छेद से झाँका.
नज़ारा देख के मेरा लंड फिर से जाग उठा.
मेरी नंगी भाभी ने अपनी दो उंगलियाँ चूत में डाली हुई थी और दूसरे हाथ से वो अपना दाना रगड़ रही थी.

मैंने फिर से लंड हिलना शुरू कर दिया.
भाभी अपनी उंगलियों से अपनी ही चूत चोद रही थी और कामुक आवाज़ें निकल रही थी.
कुछ देर बाद उनके अंदर से एक आवाज़ आई जो सिर्फ़ एक तृप्त औरत छूटते समय निकलती है.
उसके बाद भाभी की चूत से पिचकारी सी निकली, मुझे लगा वो मूत रही थी.
खैर, उसके बाद भाभी लाइट बंद करके सो गई और मैं भी अपने कमरे में आ के सो गया.
क्या आपने भी अपनी भाभी की चुदाई देखी है या की है?

Reference : hindisexstories.xyz

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Thursday, 1 February 2018

Mami Ki Choot Ki Pyaas Hindi Sex Stories by Mastram

Hi guys mai apne 3rd desi hot sex story likhne ja rha hu. Mujhay pichli stories ke reply se bohot ladkiyon aur auntiyon ne sex ke lie pucha. Mai iss ka shukraguzaar hun.
Direct apni story par ata hun.

Mai jalandhar ka rehne wala hun aur meri pichli story padhke ek aunty ne Mujhay mail pe desi hot sex karne ke liye pucha. Apko bta du ki aunty ki umar 30 saal hai aur wo bohot hi sexy hain.

Savita aunty (name changed) ne Mujhay mail kiya ki I want to meet you as I read your story on iss. Meine  jab message dekha to mai bohot hi excited ho gaya aur unse pehle mail pe hi baatein karni shuru kardi. Unhone btaya ki mere husband mujhse 9 saal bade hain aur ab unka lunda khada nahi hota aur mai bohot hi zyada sex ke lie tadapti hun. Unki 1 beti hai jo ki 7 saal ki hai aur 2nd class me padhti hai. Meine  baat karte hue unse pucha ki kya aap mere sath sex karna chahte ho ? To unhone haan bola. Meine  unse kaha ki aap apna mobile number Mujhay dedo mai apko kal din me call karunga.


Unhone apna number Mujhay de dia. Meine  agle din apne dost ke number se unko call kiya ye jaanne ke lie ki ye number koi fake to nahi hai. Jab Meine  unko call kia to wo ek lady ki awaz hi thi aur Meine  call kaat diya. Meine  thodi der ke baad hot and horny aunty ko apne mobile se call kiya aur unhe btaya ki mai whi hun jisko apne kal mail kiya tha. Wo ye sunke bohot excited ho gyi aur unhone mujhse baatein karna shuru kar diya. Meine  unse milne ke liye pucha to wo ek dum se maan gyi. Unhone kaha ki jab meri beti aur husband ghr par nahi hote to tum Mujhay milne mere ghar aa sakte ho. Meine  unse unka address le liya aur milne jaane se ek din pehle mai wha gya aur unke ghr ki bell ki.

Wo bahr aayi to Mujhay pehchanti nahi thi. Meine  unse apne mann se ek address puch liya aur iske bahane Meine  chupke se apne mobile me unki pic kheech li. Unko kuch pata nahi chala aur ye bohot normal situation thi. Ye sab investigation Meine  isliye ki taaki mai ye confirm kar paun ki koi Mujhay double cross to nai karna chah rha hai . Meine  ghr aake 2 ghante ke baad unko call kiya aur sb kuch bta diya. Aur wo bohot hasne lagi. Unhone kha ki uss time mere ghr par koi nahi tha to tum directly bolke andr hi aa sakte the.

Meine  unse kaha ki mai apse same time pe kal milne aaunga. To wo bohot khush ho gayi aur Meine  wasisa hi kiya. Mai kareeb 11 baje unke ghr gaya aur door bell bajayi. Unhone Mujhay dekhke bohot badi si smile di aur mzaak me boli ki aaj kisi ka address nahi puchna ? Meine  naughty way me bola aaj to mai apse hi milne aya hun. Unhone Mujhay andarr aane ke liye kaha. Mai andar gya to unhone Mujhay drawing room me baitha diya aur mere liye khane ke liye kuch fruits kaat ke le aayi.

Wo blue coloe ke suit me bohot hi gazab lag rahi thi dosto ki mera mann to kar rha tha ki unko wha pakad ke couch pe hi sex karna shuru ho jaun. But Meine  uss time apne emotions ko control kiya aur unse baatein karne laga. Meine  baat krte hue unse pucha ki apke husband kya karte hain to unhone bataya ki wo ek insurance company me kaam karte hain aur late ghr par aate hain. Meine  unse naughty way me pucha ki aap itni badi bchi ki maa hone ke baad bhi itni sundar kaise dikhti hain ? Wo sharmake boli ki aap to mujhse bi zyada smart ho. Mai unka ishara samajh rha tha aur Meine  unse pucha ki aapne jo baat mail par aur phone par Mujhay btayi thi kya wo sb sach hai ? Unhone Mujhay kaha islie aap yaha baitho ho mister.

Meine  kaha ki mere pass aaj thoda time kamm hai jo aaj kuch karna hai to abi se start kar lete hain. Wo hasne lagi aur boli ki apka aise directly bolna Mujhay bohot acha laga. Unhone Mujhay apne bedroom me aane ko kaha aur mai chala gya. Wo 2 minute ke baad waha aayi to unhone ek sexy si nighty pehen li jisme unko boobs 34 size aur bi bade lag rahe the. Meine  unko usi time hug kar liya aur unko kiss karne laga. Wo bhi puri madhosh hokar mera sath de rahi thi .

Meine  unhe bed par patak diya aur unke boobs ko bra ke upar se hi suck karne laga.. Wo usi me moan karr rahi thi aaaaahhhhh oooooooohhhhh.. Meine  der na karte hue unki nighty utar di aur ab wo mere saamne bra aur panty me thi. Meine  apna 7 inch ka loda nikala aur wo dekh kar khush ho gyi aur mere lode ko apne muhh me lekar chusne lagi. Mujhay bi bohot maza aa raha tha. Kareeb 15 minute tak wo mere lund ko chuusti rahi aur mai unki panty ke upar se hi unki pussy ko rub kar raha tha. Mere cum 15 minute ke baad unke muh me hi nikal gaya aur wo sara cum pee gyi. Meine  unko bed ke upar letaya aur unki panty aur bra utar di.

Main unke boobs ko suck karne laga aur pussy me fingering karne laga. Wo bohot ki garam ho gayi thi. 15 minute me wo 2 baar jhadd gayi thi. Meine  ab der na karte hue apna lund unki choot pe rakha to unhone kaha ki pehle condom pehen lo. Unhone pehle se condom ka intezaam karke rakha tha aur main condom pehen ke unki choot ko rub karne laga apne lund se .. Unhone kaha ab aur mat tadpao. Jaldi se andr daal do. Meine  lund daalne ki koshish ki to unki choot thodi tight thi. Meine  dhakka maara to wo chilaane lagi … haayeee maarrrrr gyi.. Meri choot phad di ….Mmmm……..Aaaaaaaahhhhhhhh.

Ye sunke Meine  ek aur dhakka maara to mera pura lund andarr chala gaya. Meine  fr dheere dheere speed badhane laga aur unko chodne laga. Wo bohot maze me chudwa rahi thi aur main 30 minute baad unki choot ke andr hi jhad gaya. Wo 10 minute baad fr se chudna chahti thi aur fr Meine  unko ghodi banake choda. Aur fr ham sex karne ke baad 1 ghanta nude hi ek doosre se lipat kar so gaye. Meine  time dekha to usne jaane ke liye pucha to unhone kaha ki fr se zarur ana aur Mujhay ek kiss kar diya.

Me And My Mom Hindi Sex Stories by Mastram

Hello Guys and Girls, Uncle and Aunties. I’m Karan from Tamil Nadu. Speaking of me, I’m 22 years old and I love women and girls who are much older than me. I was always fascinated towards women and girls who are much older than me right from my childhood days.

The heroine of this story is none other than my mom. My mom is just like any other normal Indian woman. A bit plump with some extra skin on her sides. Those extra pounds are what makes her sexy. I forgot to mention that even though I’m muscular built, I find plump girls much more attractive than skinny girls.

My mom is a very traditional woman and an ideal housewife. She always wears Sari at the house except during my Dad’s stay at the house. My Dad works abroad and visits us once in every five years. During my Dad’s visit, my Mom would wear nightie at home and we all know why she does so. Don’t we? My mom’s sex life was limited only to the one month during which my Dad was present and it was null for the next five years.

This story begins on the day of my Dad’s departure to Dubai. Mom and me accompanied Dad to the airport. Mom was very sad because she was gonna miss him a lot. I didn’t have any feelings because Dad was never there for me as I grew up. Mom was the only one around whenever I needed any help. Dad was just the money provider in my life. I loved my mom a lot for this reason because she was always there for me. I could not see my mom sad so I asked Dad if he could extend his stay.


Dad simply shook his head signaling a big “NO”. We watched as Dad walked past us waving a bye to us. On the way back home, Mom came and sat in the front seat next to me. I tried to cheer up mom but she was in no mood. I suggested having dinner at a restaurant. My mom plainly nodded her head. I drove towards a good restaurant and order food for both of us. We both sat in silence and ate our food. I tried to make a conversation with mom but it all went in vain. After dinner we made our way to our house. Since it was a long way back, she slept in the car itself. She wasn’t wearing her seat belt. I reached for the seatbelt and while fastening them, my hands rubbed against her breasts. It was the first time, he touched her there after being grown up. She didn’t wake up.

I tried calling her but my mom was a sound sleeper and she wouldn’t wake up very easily. It was very strange because I was feeling sexually aroused by that small touch. I had a hard-on. I wanted to masturbate right then in front of her. I thought of pulling over the car by roadside and masturbate with my mom besides me but I was afraid to do so. At last we reached home and mom was still asleep. I woke her up and she followed me inside. I was still very horny. All I wanted was to have sex with her. As soon as she came inside, the beast inside me overtook my actions and I hugged her tightly and kissed her lips. She was fully awake now and was in utter shock.

She pushed me away and slapped me hard on my cheeks. I came back to senses and apologized but she was still angry. She again slapped me and without saying anything, she walked away but as soon as she tried to walk away, I caught hold of the loos end of her saree and pulled it. She had pinned her pallu to her blouse and when I pulled it, Her blouse tore apart and she stood in front of me in bra. She covered her chest and tried to run away. I caught her from behind and whispered in her ears. Let me do what Dad left unfinished. She was horrified to death. She pleaded me as told me that she would give me anything if I left her alone. I told her that all I needed was her and her love. She cried ‘Please stop. This is wrong, I’m your mother”

I was in no mood to listen. I forcefully disrobed her and she stood there in front of me in bra and petty coat. All she could do was cover herself as she knew that I was in no mood to leave her alone. Tears were running down her cheeks. I went near her and wiped her tears and told her that I won’t leave her and go abroad as Dad did but would be with her until the end. She didn’t respond. I hugged her tightly and said. Sudha… I loved you. I truly love you and kissed her lips. At first, she wasn’t responding but within some time, she started responding and hugged me back. We stood there kissing each other for nearly fifteen minutes. I broke the kiss and asked her if I could continue.

She remained silent which I took as a yes and carried her to my Parents’ bedroom. She was looking at my face when I carried her in my arms. I dropped her on the bed and want her. She stopped me and told that I could continue If I promised that I would never leave her alone and will be always with her. I promised her and kissed her forehead. I reached for her breasts and kneaded them. They were so soft and smooth. I kiss her breasts over her bra and licked them. I went for her cleavage and planted several kisses there. I then unhooked her bra and was overtaken by her beautiful breasts. They were big and round. I held them in my hands and kneaded them like balloons. I played with her nipples and sucked them like a baby. Mom might have been so horny too because as soon as I started sucking her beasts she, caught my head and held it tight to her chest. I reached for her pussy with my right hand. I rubbed her pussy over her petticoat and she let out a slight moan. I untied her petticoat and underwear in one go. Her pussy was well trimmed. I rubbed it and inserted a finger into it.

She told me that Dad never did that to her. I asked her if Dad ever lick her pussy. She said yuck so disgusting. I said that it will give her more pleasure than intercourse. I moved towards her pussy and kissed it. My mother reacted as if the current had passed through her body. I inserted my tongue into her pussy and licked it. I imitated fucking movement with my tongue and within a few minutes, she came all over me. She squirted her love juiced all over my face and was breathing as hell. She pulled me towards her and hugged me tightly. I inserted my dick in her pussy and started ramming her like a rabbit ramming its female mate. She was moaning as hell. After a few minutes of fucking, I came inside her and we both slept naked. Next day, we avoided eye contact as much as possible but as soon as night approached, we started our sex.